कार चलाते हैं तो हो जाएं सावधान. कार में आग लगने के कारण और बचाव

ध्यान से देखिए. क्या पता आपके साथ भी हो जाए ऐसा? चलती गाड़ियों में लग रही है आग (Fire). लोग हो रहे हैं हादसों का शिकार जानिए कैसे?

👉 चलती गाड़ियों में लग रही है आग, जानिए इनके कारण और बचने के उपाय ताकि यह चीजें आपके साथ में न हो।

गाड़ी में आग लगने के प्रमुख कारण

  • कार की प्रोपर सर्विस ( Car Service) समय पर ना कराया जाना कार में आग लगने का प्रमुख कारण होता है. कार के इंजिन को ठंडा रखने वाला coolent खतम हो जाता है या कम हो जाता है जिससे इंजिन बहुत गर्म हो जाता है और आग लगने की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए कार की सर्विस समय पर कराते रहें
  • कार सर्विस हमेशा authorized service सेंटर से ही कराएं क्योकि कार सर्विस करने वालों को कंपनी के service center में प्रोपर ट्रेनिंग दी जाती है. Trained मैकेनिक कार के पार्ट्स से भलीभांति परिचित होते हैं.
  • हमेशा अच्छी क्वॉलिटी के coolent और mobil ऑइल ही कार में इस्तेमाल करें. सस्ते के चक्कर में न पड़ें.
  • अगर आप CNG किट इस्तेमाल करते हैं तो अच्छी किट इस्तेमाल करें. देखा गया है ज्यादा हादसे CNG वाली गाडियों में होते हैं.
  • जब आप अपनी गाड़ी में एक एक्स्ट्रा हॉन (Horn) या एक्स्ट्रा लाइट(light)या ऎसा कोई Modification करवाते हैं। जिसमें आपकी गाड़ी में वायरिंग(Cabling) लगती है। तब आग लगने की आशंका बढ़ जाती है
  • बोनट की तरफ आग का यह एक प्रमुख कारण है. इसमें जो वायर(Cable) लगाई जाती है।वह काफी घटिया क्वालिटी(Quality) की हो सकती है और यह जैसे ही गाड़ी 100 से 300 किलोमीटर तक चलती है या कई बार ज्यादा तेज़ धूप की वजह से भी एक्स्टरा‌ वायर (cable) पिघलनी शुरू हो जाती है।
  • इसी कारणवश धीरे-धीरे स्पार्किंग(sparking) कर आग पकड़ लेती है। स्पार्किंग का मतलब है कि गाड़ी में छोटी छोटी चिंगारियां उठने लगती है।इसी कारण से गाड़ी में लगा पेट्रोल, डीजल या सीएनजी आग पकड़ लेता है और गाड़ी में आग लग जाती है।
  • अगर आपकी कार में कोई भी लीकेज है। जैसे कि मोबिल लीकेज, डीजल लीकेज, पेट्रोल लीकेज, सीएनजी (CNG) गैस लीकेज तो गाड़ी में आग लग सकती है।क्योंकि fuel (oil) पर आग जल्द ही लग जाती है।
  • गाड़ी में स्पार्किंग होती है तो गाड़ी में आग लग जाती है। ऐसी स्थिति में आग लगने‌ मैं आग लगने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
  • बहुत बार देखा गया है कि जब गाड़ी का एक्सीडेंट(accident)होता है।तो उसमें आग लगने के चांसेस 70 परसेंट हो जाते हैं ।और गाड़ी में आग लग जाती है

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  • एक्सीडेंट (accident)के कारण (oil)फ्यूल टैंक और फ्यूल पाइप फट जाता है और गाड़ी में थोड़ी भी स्पार्किंग होने के कारण गाड़ी जल्दी से आग पकड़ लेती है। और गाड़ी से नीचे उतरने का टाइम भी नहीं मिलता तो इसका ध्यान रखना चाहिए। ऐसी स्थिति में आपको किसी की मदद लेनी चाहिए।
  • गाड़ी में गलत तार और तार में कट यह आपकी गाड़ी में आग लगा सकता है।
  • अगर आप अपनी गाड़ी में किसी भी तरह की वायरिंग में कट करते हैं। या गलत वायर लगा देते हैं तो यह आग लगने का एक प्रमुख कारण हो जाता है।
  • कई बार देखा गया है कि गाड़ी के साइलेंसर(silencer) को मोडीफाई करवाया जाता है।और इसी कारण से आग पकड़ने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। क्योंकि इसमें कई बार फ्यूल को डायरेक्ट इंजन की तरफ भेजा जाता है और इसी कारण से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।

चलती गाड़ी में आग ना लगे इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें

👉 गाड़ी में आग ना लगे इसके लिए आपको गाड़ी में एक्स्ट्रा (Extra)लाइट वह एक्स्ट्रा (Extra) हॉर्न (Horn )नहीं लगवाना चाहिए। अगर आप यह चीजें लगवाना चाहते ही हैं तो भी आपको इसमें अच्छी क्वालिटी की वायर डलवानी चाहिए, ताकि वह गर्मी में या गर्म होकर पिघले ना । इससे गाड़ी में आग लगने का हादसा टल सकता है।

👉आपको 100 किलोमीटर लगातार गाड़ी चलाने के बाद 30 मिनट से लेकर 45 मिनट तक गाड़ी के इंजन को बंद कर देना चाहिए। और उसे ठंडी होने देना चाहिए। और आपको 100 किलोमीटर से ऊपर लगातार गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।

👉अगर आपकी गाड़ी में किसी भी तरह की लीकेज है तो आप मोटर मैकेनिक के पास जाकर अपनी गाड़ी में हो रही लीकेज को ठीक करवा लीजिए। ताकि इसके कारण आपकी गाड़ी में आग नहीं लगे।

👉हमेशा अपनी गाड़ी में आग बुझाने की गैस कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) रखें। इससे आग को बुझाया जा सकता है जल्दी ही। इसको Fire Extinguisher कहते हैं। इसकी कीमत करीब ₹250 होती है।

👉 एक्सीडेंट(accident) के समय गाड़ी से जल्दी नीचे उतरे और अपने परिवार को भी नीचे उतारे और गाड़ी को ध्यान से चेक करें कहीं पर (oil)तेल और गैस (gas)लिकेज तो नहीं।

👉आपको कभी भी अपनी गाड़ी की वायरिंग में कटिंग या किसी भी वायर को एक दूसरे से नहीं जोड़ना है।

👉 यह काम सिर्फ आप कंपनी में ही जाकर करवाएं या कोई अच्छा मोटर मैकेनिक के पास जाकर ही करवाएं इसी से बचा जा सकता है।

👉 अपनी गाड़ी से डायरेक्ट (direct) तेल इंजन में ना भेजें और ना ही किसी भी तरह का मॉडिफाई साइलेंसर लगवाएं इससे गाड़ी में आग का खतरा बढ़ जाता है।

हमें पूरा विश्वास है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा।

•इस आर्टिकल में बताई गई बातों पर ध्यान देकर अपनी और अपने परिवार की जिंदगी बचा सकते हैं।

•यह आर्टिकल जनहित में जारी है इस आर्टिकल का मकसद है कि सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को रोका जा सके। और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके (धन्यवाद)।

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