तिरंगे झंडे का अपमान क्या सहेगा देश का जन मानस?

आज जो हुआ वो इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा. हमारे तिरंगे का अपमान हुआ. हमारे देश का अपमान हुआ. तथाकथित किसानों ने राजधानी दिल्ली में उपद्रव किया, सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया. पुलिस वालों पर जान लेवा हमला किया. और सबसे शर्म नाक लाल किले पर एक दूसरा झंडा पहरा दिया जो आजादी के बाद बाद कभी नहीं हुआ.

प्रश्न उठता है ये सब क्यों? क्या कोई देश भक्त कभी ऎसा कर सकता है? नहीं. क्या कोई जवान या किसान ऎसा कर सकता है? नहीं. अखिर कौन हैं ये लोग? क्या ये सच में किसान हो सकते हैं?

26 तारीख का दिन इसलिए चुना गया ताकि इंटर नेशनल स्तर पर देश की बदनामी की जा सके.

मै सरकार से निवेदन करता हू की कड़ी करवाई की जाए. राकेश टिकैत से भी कड़ी पूछताछ की जाए. उसके विडियो से साफ है कि यह सब पहले से प्लान था.

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